कुमारी आसव के फायदे और नुकसान, भूलकर भी ना करें ये गलती

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

कुमारी आसव के फायदे और नुकसान – कुमारी आसव एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से पेट संबंधी विकारों को दूर करने में किया जाता है। इसके अलावा अस्थमा, भूंख में कमी, मूत्र विकारों, पथरी रोग, सर्दी-खांसी, रक्त में कमी, महिलाओं के प्रजनन विकार और मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में इसका उपयोग किया जाता है।

कुमारी आसव में मुख्य रूप से घृत कुमारी का मिश्रण मौजूद होता है इसलिए इसे कुमारी आसव कहा जाता है। इसके अलावा भी पिप्पली , लौंग , अदरक , काली मिर्च , दालचीनी , तेजपत्ता , इलायची , नागकेसर , चित्रक , धनिया , विडंग , नागरमोथा , पुष्करमूल , जातीफल , गुड़ , शहद जैसे 47 प्रकार के प्राकृतिक तत्वों का संयोजन होता है।

आज के इस पोस्ट हम आपको बताएँगे कि कुमारी आसव का सेवन कैसे करें, कुमारी आसव की कीमत, कुमारी आसव के फायदे और नुकसान तो इस महत्वपूर्ण जानकारी को पाने के लिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

कुमारी आसव के फायदे और नुकसान
कुमारी आसव के फायदे और नुकसान

कुमारी आसव की कीमत – Kumari Asav Price

मार्केट में आपको अलग-अलग कंपनियों के कुमारी आसव दवा मिल जायेगी जैसे कि बैद्यनाथ कुमारी आसव, पतंजलि कुमारी आसव, झंडू कुमारी आसव और डाबर कुमारी आसव आदि। लेकिन किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर की परामर्श जरूर लें।

450 Ml कुमारी आसव की कीमत लगभग 160 रूपये होती है जिसे आप अपने नजदीकी मेडिकल स्टोर से ले सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। यहाँ पर हम Amazon शॉपिंग वेबसाइट का लिंक शेयर कर रहे हैं जहाँ से आप कुमारी आसव बेस्ट डिस्काउंट के साथ में खरीद सकते हैं।

बैद्यनाथ कुमारी आसवCheck Price
डाबर कुमारी आसवCheck Price
पतंजलि कुमारी आसवCheck Price
झंडू कुमारी आसवCheck Price

कुमारी आसव के फायदे – Kumari Asav Ke Fayde

आयुर्वेद कुमारी आसव का उपयोग विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज करने के लिए किया जाता है। अगर आप भी कुमारी आसव दवा का सेवन करना चाहते हैं तो किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेकर सेवन कर सकते है।

यहाँ पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि कुमारी आसव के फायदे कौन-कौन से होते हैं।

(1) कब्ज से राहत

कब्ज एक आम समस्या है जो किसी को भी हो सकती है। कब्ज से राहत पाने के लिए कुमारी आसव का उपयोग किया जा सकता है।

इसके लिए भोजन करने के 15 से 20 मिनट बाद 3 से 6 चम्मच कुमारी आसव दवा को पानी के साथ ले सकते हैं। नियमित रूप से सुबह-शाम कुमारी आसव का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो सकती है।

(2) लिवर को स्वस्थ रखने

जिन लोगों का लिवर कमजोर होता है और ठीक तरीके से काम नहीं करता है उन्हें पाचन और पेट से संबंधित कई बीमारियाँ घेरने लगती है। ऐसे में कुमारी आसव का उपयोग करना बहुत फायदेमंद होता है।

कुमारी आसव का उपयोग करने से लिवर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है और सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है।

(3) मासिक धर्म में

बहुत सारी महिलायें अपने पीरियड्स की अनियमियता से परेशान रहती हैं, ऐसे में कुमारी आसव का सेवन करने से मासिक धर्म के अनियमियताओं का इलाज में मदद मिलती है।

साथ ही मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को भी कम करता है।

(4) मूत्र संबंधी विकार

मूत्र संबंधी विकारों में भी कुमारी आसव बहुत उपयोगी माना जाता है। अगर आपको पेशाब करते समय जलन व दर्द होता है, पेशाब रुक रुक के आती है या बार बार पेशाब आती है तो कुमारी आसव के प्रयोग से आपकी यह समस्या दूर हो सकती है।

कुमारी आसव में धातकी, जटामासी, ऐलोवेरा समेत एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्ट्रियल गुण भी मौजूद होते है जो आपकी मूत्र सम्बंधित सभी विकारों को दूर कर सकते हैं।

(5) पाचन संबंधी विकार

कुमारी आसव का इस्तेमाल पाचन से सम्बंधित विकारों को दूर करने में भी किया जाता है। जिन लोगों को भूख नहीं लगती है, खाने के बाद पेट में भारीपन रहता है, खाना ठीक तरीके से हजम नहीं होता है, पेट में हल्का हल्का सा दर्द भी रहता है। ऐसे में कुमारी आसव का सेवन करना बहुत लाभदायक साबित हो सकता है।

अगर आप नियमित रूप से कुमारी आसव का सेवन करते हैं तो आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा और पाचन से सम्बंधित सभी विकार दूर रहेंगे।

कुमारी आसव का सेवन कैसे करें

कुमारी आसव का सेवन भोजन करने के बाद ही करना चाहिए। इसकी 3-6 चम्मच दवा और पानी की बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह व शाम सेवन कर सकते हैं।

कुमारी आसव का सेवन अलग-अलग प्रकार की स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसलिए सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। डॉक्टर आपके स्वास्थ्य, उम्र, लिंग और स्थिति के हिसाब से दवा लेने की सलाह देंगे।

कुमारी आसव के नुकसान – Kumari Asav Ke Nuksan

कुमारी आसव एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका सेवन करने से किसी भी प्रकार के साइड-इफ़ेक्ट नहीं होते हैं। लेकिन गलत तरीके से सेवन करने पर कुछ सामान्य साइड इफ़ेक्ट देखने को मिल सकते है।

यहाँ पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि कुमारी आसव के नुकसान कौन-कौन से हो सकते हैं।

  • कुमारी आसव का सेवन करने से कुछ लोगो को उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है।
  • कुछ लोगो को इस दवा का सेवन करने से एलर्जी की समस्या हो सकती है।
  • इस दवा का ओवेडोज लेने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है।
  • बताई गई खुराक से अधिक Kumari Asav लेने से लोगो का जी मिचलाने लगता है।
  • शराब पीने के बाद कुमारी आसव का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि अल्कोहल के साथ मिलकर विपरीत प्रभाव डाल सकती है।

कुमारी आसव से जुड़ी सावधानियां – Precautions of Kumari Asav in Hindi

कुमारी आसव को बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आप Kumari Asav का सेवन कर रहे हैं तो आपको कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए।

  • अगर कोई व्यक्ति वर्तमान समय में किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो उसे कुमारी आसव का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • अगर कोई महिला गर्भवती है तो उसे Kumari Asav का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • स्तनपान करने वाली महिलाओं को कुमारी आसव का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
  • इस दवा का सेवन करने से पहले कुमारी आसव में लिखे गए दिशा-निर्देशों को जरूर पढ़ें।
  • कुमारी आसव को बच्चों और जानवरों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।
  • इस दवा को खरीदते समय इस दवा की एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
  • कुमारी आसव को हमेशा डॉक्टर द्वारा बताये गए निर्देशानुसार ही लेंना चाहिए।
  • इस दवा को सीधी धूप और नमी वाली जगह से दूर रखें।
  • बच्चों को Kumari Asav पिलाने से पहले आपको अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करना चाहिए।

कुमारी आसव की तासीर

कुमारी आसव की तासीर गर्म होती है। जिसका इस्तेमाल कफ और वात के विकारों में किया जाता है। जिन लोगो के शरीर में पित्त की वृद्धि है, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमने आपको बताया कि कुमारी आसव के फायदे और नुकसान कौन-कौन से होते हैं। कुमारी आसव एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से पाचन और पेट से सम्बंधित विकारों को दूर करने के लिए किया जाता है।

कुमारी आसव गुणकारी औषधि मानी जाती है जो एक साथ कई सारी बीमारियों को दूर करने में फायदेमंद होती है जैसे अस्थमा, मूत्र विकारों, पथरी रोग, सर्दी-खांसी, रक्त में कमी, महिलाओं के प्रजनन विकार और मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में उपयोग की जाती है।

डिस्क्लेमर – इस पोस्ट में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. इसलिए यहाँ पर बताई गई किसी भी दवा या मान्यता को अमल करने से पहले डॉक्टर या सम्बंधित विशेषज्ञ की परामर्श जरूर लें।

इन्हें भी पढ़ें–

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *