टाइफाइड में चाय पीना चाहिए या नहीं, ऐसी गलती भूलकर भी ना करें

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टाइफाइड में चाय पीना चाहिए या नहीं – टाइफाइड एक आम समस्या है जिससे कोई भी प्रभावित हो सकता है। टाइफाइड होने की वजह से व्यक्ति को बुखार, भूख ना लगना, डायरिया, उल्टी जैसी समस्या होती है।

टायफाइड सालमोनेला बैक्टीरिया के कारण होता है। आमतौर पर यह बैक्टीरिया दूषित पानी और खाने का सेवन करने से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है। यह बैक्टीरिया हमारे पाचन तंत्र और इम्यून सिस्टम को बुरी तरह से प्रभावित करता है।

टाइफाइड के मरीजों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान देना चाहिए, जिससे कि इस बीमारी से जल्द से जल्द छुटकारा मिल सके। आज के इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे कि टाइफाइड में चाय पीना चाहिए या नहीं। तो इस महत्वपूर्ण जानकारी को पाने के लिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

टाइफाइड में चाय पीना चाहिए या नहीं
टाइफाइड में चाय पीना चाहिए या नहीं

टाइफाइड में चाय पीना चाहिए या नहीं – Typhoid Me Chai Pina Chahiye Ya Nahi

टाइफाइड में हर्बल चाय पीना बहुत फायदेमंद होती है। क्योंकि टाइफाइड के कारण बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है। ऐसे में टाइफाइड के रोगियों को हर्बल चाय जैसे तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

हर्बल चाय पीने से हमारे शरीर को बहुत लाभ मिलता है, क्योंकि हर्बल चाय में कई तरह की प्रकृतिक जड़ी-बूटियां मौजूद होती हैं जो सर्दी, खांसी, बुखार की समस्या से राहत दिलाने में मदद करती हैं।

इसके अलावा टाइफाइड बुखार में तुलसी की चाय, ग्रीन टी और काली चाय पीना भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। टाइफाइड बुखार होने पर व्यक्ति को खाना नहीं अच्छा लगता है और ना पानी का स्वाद अच्छा लगता। ऐसे में ग्रीन टी या कोई अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी की पूर्ति हो जाती है। लेकिन कोई भी पेयजल का सेवन करने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

टाइफाइड में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं – Typhoid Me Kya Khana Chahiye Aur Kya Nahi

टाइफाइड एक संक्रामक बुखार है जो दूषित पानी और खाने की वजह से हो जाता है। टाइफाइड होने की वजह से पीड़ित के शरीर में बुखार कई दिनों तक बना रहता है। पीड़ित व्यक्ति के शरीर के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। कभी-कभी यह तापमान 104 डिग्री तक पहुंच जाता है।

टाइफाइड के मरीजों को अपनी डाइट का विशेष ध्यान चाहिए। क्योंकि जितनी अच्छी आपकी डाईट रहेगी उतनी ही जल्दी इस बीमारी से रिकवर हो सकते हैं। यहाँ पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि टाइफाइड में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

(1) तरल पदार्थों का सेवन करें

टाइफाइड बुखार होने से पीड़ित के शरीर में पानी की बहुत कमी हो जाती है, ऐसे में जरूरी होता है ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आप ज्यादा से ज्यादा पानी पियें।

इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, सूप और फलों के जूस आदि तरल पदार्थ पी सकते हैं।

(2) अत्यधिक मसालेदार भोजन से परहेज

टाइफाइड के मरीजों को अत्यधिक तेल और और मसालेदार युक्त भोजन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। क्योंकि टाइफाइड के कारण पीड़ित व्यक्ति का पाचन तंत्र कमजोर पड़ जाता है। ऐसे में तला-भुना या अत्यधिक तेल, मसालेदार भोजन करने से पेट में गैस, अपच की समस्या हो सकती हैं।

टायफाइड में आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें जैसे कि खिचड़ी, दलिया, सूप, उबले चावल आदि।

(3) कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ

शरीर को स्वस्थ और हेल्दी रखने के लिए हमें कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थो का सेवन करना चाहिए। टाइफाइड होने की वजह से पीड़ित व्यक्ति के शरीर का ऊर्जा स्तर गिर जाता है, ऐसे में कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से शरीर में एनर्जी आती है।

टाइफाइड के दौरान आप अपनी डाईट में दलिया, फल कस्टर्ड, उबले अंडे, शहद, उबले हुए चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थो को शामिल कर सकते हैं।

(4) कच्चा खाना खाने से बचें

अगर आप टाइफ़ाइड के शिकार हो गये हैं तो कच्चे फल और सब्जियां खाने से बचना चाहिए। खासतौर पर सलाद, लेट्यूस और जामुन जैसे फल जिन्हें आप छील नहीं सकते हैं, इन्हें खाने से परहेज करना चाहिए।

अगर आप फल ही खाना चाहते हैं तो केला, एवोकाडो और संतरे जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं।

(5) गैस बनाने वाले आहार

टाइफ़ाइड के मरीजों को ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए हैं जिनका सेवन करने से उनके पेट में गैस बनने लगती हो। क्योंकि टाइफ़ाइड के कारण शरीर पहले ही कमजोर पड़ जाता है और अगर इस दौरान पेट में गैस बन जाए तो समस्या और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।

इसलिए समोसे, पकोडे, लड्डू और हलवा, कटहल, अनानास जैसे खाद्य पदार्थ से दूर रहें।

निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमने आपको बताया कि टाइफाइड में चाय पीना चाहिए या नहीं। टाइफाइड एक प्रकार का बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है, जो साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह रोग दूषित पानी या खाने के कारण होता है। किसी टाइफाइड से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति को भी टाइफाइड हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थित में ज्यादा सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है।

टाइफाइड के कारण पीड़ित के शरीर में पानी की कमी होने लगती है ऐसे ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। टाइफाइड बुखार में हर्बल चाय, तुलसी की चाय, ग्रीन टी और काली चाय पीना बहुत फायदेमंद माना जाता है।

डिस्क्लेमर – इस पोस्ट में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. इसलिए यहाँ पर बताई गई किसी भी दवा या मान्यता को अमल करने से पहले डॉक्टर या सम्बंधित विशेषज्ञ की परामर्श जरूर लें।

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