यौवनामृत वटी कितने दिन खाना चाहिए, 2 घंटे तक खड़ा रहेगा

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यौवनामृत वटी कितने दिन खाना चाहिए – दिव्य यौवनामृत वटी एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका इस्तेमाल पुरुषों द्वारा किया जाता है। जो पुरुष नपुंसकता, ढीलापन, स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, शुक्राणुओं की कमी, इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसे गुप्त रोग की समस्या से परेशान रहते हैं उन्हें यह दवा लेने की सलाह दी जाती है।

आजकल के पुरुषों में Sex से जुड़ी समस्याएं अधिक देखने को मिल रही है। ऐसे में अक्सर लोग अपनी समस्या किसी और को बताने में हिचकिचाते हैं और फिर खुद से ही इसका इलाज करना शुरू कर देते हैं। अगर आप भी Sex से जुडी किसी प्रकार की समस्या से परेशान हैं तो यौवनामृत वटी आपके लिए रामबाण साबित हो सकती हैं।

आज के इस पोस्ट में हम आपको पतंजलि यौवनामृत गोल्ड के फायदे, यौवनामृत वटी कितने दिन खाना चाहिए, यौवनामृत वटी सेवन विधि, यौवनामृत वटी के नुकसान के बारे में विस्तार से बताएँगे। तो इस महत्वपूर्ण जानकारी को पाने के लिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

यौवनामृत वटी कितने दिन खाना चाहिए
यौवनामृत वटी कितने दिन खाना चाहिए

यौवनामृत वटी कितने दिन खाना चाहिए – Youvnamrit Vati Kitne Din Khana Chahiye

यौवनामृत वटी भारत देश की पतंजलि कंपनी द्वारा निर्मित एक आयुर्वेदिक दवा है। आयुर्वेदिक दवाइयों का असर कुछ दिनों बाद देखने को मिलता है। इसलिए यौवनामृत वटी को 15 दिनों तक खाने की सलाह दी जाती है।

अगर आप शीघ्रपतन, नपुसंकता या किसी अन्य समस्या के लिए पतंजलि यौवनामृत वटी का लेने का मन बना रहे हैं तो बेहतर होगा कि खाने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

पतंजलि यौवनामृत वटी

Patanjali Youvnamrit Vati / पतंजलि यौवनामृत वटी

  • 100% आयुर्वेदिक दवा
  • बिस्तर में टाइमिंग बढ़ाने में
  • शीघ्रपतन से छुटकारा

यौवनामृत वटी सेवन विधि – Youvnamrit Vati Sevan Karne Ki Vidhi

यौवनामृत वटी सेवन उन्ही पुरुषों को करनी चाहिए जिन्हें शीघ्रपतन, नपुंसकता, ढीलापन, स्वप्नदोष, इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसे गुप्त रोग की समस्या है। इस दवा का सेवन 18 साल के ऊपर लोगो को ही करना चाहिए।

पतंजलि यौवनामृत वटी को आप दिन में दो बार खाना खाने के बाद सेवन कर सकते है। इसकी एक-एक कैप्सूल को सुबह और शाम गुनगुने दूध के साथ सेवन कर सकते हैं। अगर दूध उपलब्ध नहीं है तो इसे साधारण पानी के साथ भी ले सकते है।

अगर आप अश्वशिला कैप्सूल विचार बना रहे हैं तो सेवन करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकत्सक की परामर्श जरूर लें। डॉक्टर आपकी स्वास्थय और स्थिति की जांच करके दवा लेने की सही खुराक और दिशानिर्देश देंगे।

पतंजलि यौवनामृत वटी के फायदे – Patanjali Youvnamrit Vati Ke Fayde

पतंजलि यौवनामृत वटी में कई प्रकार के प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का मिश्रण होता है जिनमें प्रमुख रूप से स्वर्ण अश्वगंधा, कोंच बीज, शतावरी, सफ़ेद मुसली, जावित्री, जायफल, शुद्ध कुछला, अकरकरा, जुंदबेडस्टर, स्वर्ण भस्म, प्रवाल पिष्टी, वांग भस्म, शिलाजीत मौजूद होते हैं। ये सभी आयुर्वेदिक तत्व पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।

यहाँ पर हम आपको बताने जा रहें हैं कि पतंजलि यौवनामृत वटी के फायदे क्या-क्या होते हैं –

  • यौवनामृत वटी का सेवन करने से बिस्तर में आपकी टाइमिंग बढ़ती है जिससे आप लम्बे समय तक बिस्तर में अपनी परफॉरमेंस दे सकते हैं।
  • कई लोग ऐसे होते हैं जो Se*x के बारे में अधिक सोचने से या बचपन की गलतियों के कारण स्वप्नदोष / नाइट फॉल की समस्या होने लगती है। स्वप्नदोष / नाइट फॉल की समस्या को दूर करने के लिए यौवनामृत वटी का सेवन कर सकते है।
  • यौवनामृत वटी में अश्वगंधा और शतावरी जैसी प्राकृतिक जड़ी बूटियाँ मौजूद होती हैं जो आपकी शारीरिक दुर्बलता को दूर करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है।
  • शारीरिक सम्बन्ध के दौरान पुरुषों का औजार सख्त और टाइट रहना चाहिए नहीं तो संबंध बनाने में मजा नहीं आता है। यौवनामृत वटी लेने से आपकी यह समस्या दूर हो जायेगी।
  • बहुत सारे पुरुषों के औजार में काफी संवेदनशीलता होती है जिस वजह से शारीरिक संबंध के दौरान जल्दी डिस्चार्ज हो जाते हैं। यौवनामृत वटी का सेवन करने से आपके औजार की नसें मजबूत होती हैं और शीघ्र स्खलन की समस्या दूर होती है।
  • जिन पुरुषों के वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम होती हैं उन्हें गर्भधारण करने में समस्याएं देखने को मिलती है। ऐसे में यौवनामृत वटी का सेवन करने से शुक्राणुओं को बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता को सुधरने में मदद मिलती है।
  • अगर आप शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान थकान और कमजोरी महसूस करते हैं तो यौवनामृत वटी लेने से आपकी यह समस्या दूर हो सकती है।
  • कई पुरुषों का शारीरिक संबंध बनाने के लिए मन नहीं करता है यानी वो सम्बन्ध बनाने से कतराते हैं। ऐसे में Se*x की इच्छा को बढ़ाने के लिए यौवनामृत वटी लेने की सलाह दी जाती है।
  • यौवनामृत वटी का सेवन करने से शारीरिक संबध बनाने के दौरान खासतौर पर वीर्यस्खलन के समय होने वाली शरीर में कपकपाहट या थरथराहट की समस्या दूर होती है।

यौवनामृत वटी के नुकसान – Youvnamrit Vati Ke Nuksan

यौवनामृत वटी एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका सेवन करने किसी भी प्रकार के साइड-इफ़ेक्ट या नुकसान देखने को नहीं मिलता है। लेकिन इस दवा का अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ नुकसान देखने को मिल सकते हैं।

यहाँ पर हम आपको बताने जा रहें हैं कि यौवनामृत वटी क्या-क्या होते हैं –

  • यौवनामृत वटी का अधिक मात्रा में सेवन करने से सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
  • हाई ब्लड प्रेसर के मरीजों को पतंजलि यौवनामृत वटी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अगर कोई व्यक्ति वर्तमान समय में किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो उसे यौवनामृत वटी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कुछ लोगो में इस दवा का सेवन करने से एलर्जी की समस्या हो जाती हैं। अगर यह समस्या आपको को भी हो रही है तो इस दवा का सेवन ना करें और आयुर्वेद डॉक्टर की सलाह ले।
  • शराब पीने के बाद यौवनामृत वटी का सेवन ना करें क्योंकि यह दवा एल्कोहल के साथ मिलकर विपरीत प्रभाव डाल सकती हैं।

निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमने आपको बताया कि यौवनामृत वटी कितने दिन खाना चाहिए। यौवनामृत वटी एक आयुर्वेदिक दवा है जिसमे कई प्रकार की प्राकृतिक जड़ी बूटियाँ मौजूद होती है। इस दवा का इस्तेमाल करने से पुरुषों में होने वाली शीघ्रपतन, नपुसंकता स्वप्नदोष, ढीलापन, जैसी समस्याओं छुटकारा मिलता है।

अगर आप भी शारीरिक सम्बन्ध के दौरान जल्दी थक जाते हैं या जल्दी डिस्चार्ज हो जाते हैं तो पतंजलि यौवनामृत वटी को ले सकते हैं। इससे आप अपने पार्टनर के साथ बिना रुके घंटो तक संबंध स्थापित करते है।

डिस्क्लेमर – इस पोस्ट में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. इसलिए यहाँ पर बताई गई किसी भी दवा या मान्यता को अमल करने से पहले डॉक्टर या सम्बंधित विशेषज्ञ की परामर्श जरूर लें।

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